ना तो Amazon और ना ही Flipkart भारतीय है और इसके बाद हमारे पास बहुत कम विकल्प बचता है की किसी भारतीय वेबसाईट से खरीदें ताकि Revenue हमारे देश में ही रहे इससे हमारे यहां के लोगो को अच्छी नौकरी मिलती है और फिर बेरोजगारी भी कम होता है।   कैसे बेरोजगारी कम होती है …

ये शब्द बहुत कम ब्लाग पर ही पढने के लिए मिलते हैं और ईनका ईस्तेमाल अब बहुत कम होता है या ईसको अंग्रेजी शब्दों से बदल दिया गया है। लोपथगामिनी (Train/Rail) वचन दुस्ट मूर्ख चटका (अब कहते हैं: Click या क्लिक) वैश्विक (अब: Global) दबाना (अब: Press) समाचार (अब: News)  मोटर साइकिल  (अब: Bike) महाविद्यालय …

सायद आप ये टाईटल पढ के परेसन हो गै होंगे। लेकीन मेरे पास एब बहुत बढीया आईडीया है जो हमारी हिन्दी भाषा मे कुछ सुधार ला सकती है। हिन्दी के कई शब्द एसे हैं जो लुप्त हो चुके हैं और कई लुप्त होने वाले हैं। फिर क्यों ना एसी साईट खुले जो लुप्त होने वाले …

मैने बताया था कि एक स्क्रिप्ट को हिन्दी मे बदल रहा हूं और अब वो पूरा होने वाला है। यही नही हिन्दी ब्लाग एग्रीगेटर स्क्रिप्ट भी तईयार होने वाला है मै उसे लोकल होस्ट पर एक्जेम्प पर ठिक कर रहा हूं एक साथ कई सारे “सर पर प्राईज“ १. हिन्दी ब्लाग स्क्रिप्ट २. हिन्दी ब्लाग …

विकीपीडीया अन्य भाषा से भेदभाव  क्यो करता है? गुगल मे सर्च करने पर हिन्दी के सभी साईट “All hindi Resources” मिला जो विकीपीडीया पर था उसमे एक डेड लिंक था मैने उसे हटा दिया। फिर अंग्रेजी मे विकीपीडीया खोला तो बडा सा वार्नींग दिखा “Your IP Trace….तूमहारा IP दिखेगा….आदी” हिन्दी के साईट मे बस लिखा …

छोटे से छोटा और चाहे किसी भी क्षेत्र मे देखें वहां अंग्रेजों का ही साईट है| जैसे: ओनलाईन पैसे भेजना हो: PayPal कोई सापिंग करना हो तो: eBay होस्टिंग खरीदना हो तब?: Hostgathor चाहे सर्च ईंजन हो, दूसरे नंबर पर भी एशीया का कोई साईट नहीं 🙁 कोई साफ्टवेयर: Adobe,microsoft, या ब्राउजर Internet Explorer,firefox,chrome सब …

आज ये पोस्ट मै हिन्दी के लिये और आपके लिये लिख रहा हूं। ब्लाग जगत मे असांती फैल्ता जा रहा है। और एसा प्रतीत होता है की हम कूछ नही कर सक्ते। पर अगर कोई सोच ले उसे कूछ करना है तो वो कर सक्ता है। कूछ भी नामूंकीन नही है क्या आपको पता है …